raas aaya nahin ham ko tira aate rahna | रास आया नहीं हम को तिरा आते रहना

  - Divya Jain
रासआयानहींहमकोतिराआतेरहना
यूँँतिराबरसोंतलकवा'दानिभातेरहना
तूनेयेजानाआदाब-ए-मोहब्बतक्याहै
हरमुलाक़ातपेमिलनेतिराआतेरहना
राएगाँहोगयावोगानातिरारागबसंत
मौसम-ए-ख़ारमेंफूलोंकोउगातेरहना
इकसदातेरीभीशामिलथीहुजूम-ए-तिफ़्लाँ
हरसहरछज्जेपेमुझकोभीबुलातेरहना
जानतातोनहींकाँटेतोमिरेदिलमेंचुभे
फूलतेरामिरीराहोंमेंबिछातेरहना
हैयेबे-क़ुफ़्लक़फ़सपरवोपरिंदाउड़ा
क़िस्सा-ए-इश्क़तिराउसकोसुनातेरहना
तेरेजैसाभीहैइकशख़्सज़मानेभरमें
कबतलकमजनूँऔरराँझोंकोगिनातेरहना
राखजबमैंनेकुरेदीतोकहेचिंगारी
कामतुमजैसोंकाहैदुनियाजलातेरहना
रू-ब-रूआइनेकेरोज़मैंआऊँकैसे
कितनामुश्किलहैनज़रख़ुदसेमिलातेरहना
  - Divya Jain
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