apne hisse kii safaai kis li.e dete rahen | अपने हिस्से की सफ़ाई किस लिए देते रहें

  - Uday Divakar
अपनेहिस्सेकीसफ़ाईकिसलिएदेतेरहें
हरगुनाहोंपररिहाईकिसलिएदेतेरहें
मरगयावोआदमीजिसनेमुझेज़िंदाकिया
रोज़जीनेकीदुहाईकिसलिएदेतेरहें
घरउजाड़ादिलउजाड़ेभरगयामनचलदिए
चारपैसोंकीकमाईकिसलिएदेतेरहें
वस्लकासामानहरबाज़ारमेंहैबिकरहा
आँसुओंकीमुँहदिखाईकिसलिएदेतेरहें
जबशहीदोंकेसमर्पणकायहाँअपमानहो
हरगलीसेएकभाईकिसलिएदेतेरहें
क़र्ज़कीहैमारभाईबचगयातोठीकहै
रोज़दारूयादवाईकिसलिएदेतेरहें
  - Uday Divakar
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