abhii hai raat abhii aur ik kahaanii hai | अभी है रात अभी और इक कहानी है

  - Uday Divakar
अभीहैरातअभीऔरइककहानीहै
अभीतोमोमकीआँखोंमेंथोड़ापानीहै
ज़रूरतोंमेंजलातेहैंफिरबुझातेहैं
किसीचराग़केजैसीमिरीजवानीहै
येतेरीज़ुल्फ़ेंतेरीआँखेंतेरेहोंठसनम
ख़ुदाकेहाथकीनायाबबाग़वानीहै
येजोहुनरहैरंज-ओ-ग़मकोभूलजानेका
हमारीमाँकीयहीआख़िरीनिशानीहै
मैंअजनबीकोठिकानेपेछोड़आताहूँ
मिरीरगोंमेंअभीगाँवकीरवानीहै
पुरानेलम्हेदिखेचाभियाँघुमानेसे
उदयकेहाथमेंलिपटीघड़ीपुरानीहै
  - Uday Divakar
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