कभीभीइश्क़मेंयेसानेहानहींदेखा
वफा-ए-इश्क़मेंमिलतासिलानहींदेखा
तुम्हारेबादकिसीसेकभीबनीहीनहीं
तुम्हारेबादकभीआइनानहींदेखा
शब-ए-फिराक़दीथीतोड़हरघड़ीमैंने
केफिरकभीकिसीकारास्तानहींदेखा
मैंचाहताहीनहींथाकेयेजीभरजाए
सोचाहकरभीउसेबारहानहींदेखा
वोजिनकेघरमेंसलामतहैदोनों,मांँऔ'बाप
वोझूठबोलतेहैंकेख़ुदानहींदेखा
उसेगलेकिसीसेमिलतेदेखकरकेभी
उसेयहीमुझेकहनापड़ानहींदेखा
उन्हेंपतादोहमारातुम्हेंजोकहतेहैं
केयारहमनेंकभीदिलजलानहींदेखा