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Dipendra Singh 'Raaz'
kya kaha ke yaad karna chhod doon ab main tumhen
kya kaha ke yaad karna chhod doon ab main tumhen | क्या कहा के याद करना छोड़ दूँ अब मैं तुम्हें
- Dipendra Singh 'Raaz'
क्या
कहा
के
याद
करना
छोड़
दूँ
अब
मैं
तुम्हें
साफ़
ही
कह
दो
के
जीना
छोड़
दो
अब
'राज़'
तुम
- Dipendra Singh 'Raaz'
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वफ़ा
करेंगे
निबाहेंगे
बात
मानेंगे
तुम्हें
भी
याद
है
कुछ
ये
कलाम
किस
का
था
Dagh Dehlvi
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ज़रूरत
सब
कराती
है
मोहब्बत
भी
इबादत
भी
नहीं
तो
कौन
बेमतलब
किसी
को
याद
करता
है
Umesh Maurya
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हम
ही
में
थी
न
कोई
बात
याद
न
तुम
को
आ
सके
तुम
ने
हमें
भुला
दिया
हम
न
तुम्हें
भुला
सके
Hafeez Jalandhari
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उसको
याद
करो
और
उसपर
शे'र
लिखो
दिन
भर
फ़ोन
चलाने
से
तो
बेहतर
है
Tanoj Dadhich
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तिरा
ख़याल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
कोई
मलाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
उदास
करती
है
अक्सर
तुम्हारी
याद
मुझे
मगर
ये
हाल
बहुत
देर
तक
नहीं
रहता
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Noon Meem Danish
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मुझे
याद
करने
से
ये
मुद्दआ
था
निकल
जाए
दम
हिचकियाँ
आते
आते
Dagh Dehlvi
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ज़रा
देर
बैठे
थे
तन्हाई
में
तिरी
याद
आँखें
दुखाने
लगी
Adil Mansuri
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तेरी
मजबूरियाँ
दुरुस्त
मगर
तूने
वा'दा
किया
था
याद
तो
कर
Nasir Kazmi
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बैठे
बिठाए
हम
को
सनम
याद
आ
गए
फिर
उन
के
साथ
उन
के
करम
याद
आ
गए
कोई
जो
राह
चलते
अचानक
मिला
मियाँ
हम
को
हर
एक
रंज-ओ-अलम
याद
आ
गए
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shaan manral
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कैसे
किसी
की
याद
हमें
ज़िंदा
रखती
है
एक
ख़याल
सहारा
कैसे
हो
सकता
है
Jawwad Sheikh
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ये
नहीं
है
कि
उस
सेे
प्यार
नहीं
हाँ
पर
अब
उसका
इंतिज़ार
नहीं
बारिशें
हैं
फ़ुज़ूल
उनके
लिए
जिनके
पहलू
में
जिनका
यार
नहीं
याद
करने
का
हक़
है
मुझको
फ़क़त
कॉल
करने
का
इख़्तियार
नहीं
ज़िंदगी
बोलता
हूँ
तुमको,
पर
ज़िंदगी
का
कुछ
ऐतबार
नहीं
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Dipendra Singh 'Raaz'
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एक
वो
है
जो
कभी
हो
न
सका
मेरा
और
एक
मैं
हूँ
जो
सिवा
उसके
किसी
का
न
हुआ
Dipendra Singh 'Raaz'
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लगता
है
उसने
मान
ली
है
अब
बड़ों
की
बात
मेरी
मज़ार
पर
नहीं
आती
वो
आजकल
Dipendra Singh 'Raaz'
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दुआएँ
भी
बहुत
माँगी,
तहज्जुद
भी
पढ़ें
हम
ने
फिर
आख़िर
में
समझ
आया,
ये
बातें
हैं
नसीबों
की
Dipendra Singh 'Raaz'
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और
तो
इस
सेे
ज़्यादा
हिज्र
में
होगा
भी
क्या
मैं
तड़पकर
मर
ही
तो
जाऊँँगा
शायद
एक
दिन
Dipendra Singh 'Raaz'
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