hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Dipendra Singh 'Raaz'
kal shaam koi baat pe muddat ke baad main
kal shaam koi baat pe muddat ke baad main | कल शाम कोई बात पे मुद्दत के बाद मैं
- Dipendra Singh 'Raaz'
कल
शाम
कोई
बात
पे
मुद्दत
के
बाद
मैं
हँसने
लगा
था
आइने
ने
चुप
करा
दिया
- Dipendra Singh 'Raaz'
Download Sher Image
कभी
इश्क़
करो
और
फिर
देखो
इस
आग
में
जलते
रहने
से
कभी
दिल
पर
आँच
नहीं
आती
कभी
रंग
ख़राब
नहीं
होता
Saleem Kausar
Send
Download Image
37 Likes
दिया
जला
के
सभी
बाम-ओ-दर
में
रखते
हैं
और
एक
हम
हैं
इसे
रह-गुज़र
में
रखते
हैं
समुंदरों
को
भी
मालूम
है
हमारा
मिज़ाज
कि
हम
तो
पहला
क़दम
ही
भँवर
में
रखते
हैं
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
47 Likes
क्या
बोला
मुझे
ख़ुद
को
तुम्हारा
नहीं
कहना
ये
बात
कभी
मुझ
सेे
दुबारा
नहीं
कहना
ये
हुक़्म
भी
उस
जान
से
प्यारे
ने
दिया
है
कुछ
भी
हो
मुझे
जान
से
प्यारा
नहीं
कहना
Read Full
Ali Zaryoun
Send
Download Image
114 Likes
डाली
है
ख़ुद
पे
ज़ुल्म
की
यूँँ
इक
मिसाल
और
उसके
बग़ैर
काट
दिया
एक
साल
और
Subhan Asad
Send
Download Image
47 Likes
ज़बाने
दाग़
में
मैंने
उसे
लिखी
चिट्ठी
मिज़ाजे
मीर
में
उसने
मुझे
जवाब
दिया
Shadan Ahsan Marehrvi
Send
Download Image
2 Likes
ज़ख़्म
जो
तुम
ने
दिया
वो
इस
लिए
रक्खा
हरा
ज़िंदगी
में
क्या
बचेगा
ज़ख़्म
भर
जाने
के
बाद
Azm Shakri
Send
Download Image
42 Likes
जो
यहाँ
ख़ुद
ही
लगा
रक्खी
है
चारों
जानिब
एक
दिन
हम
ने
इसी
आग
में
जल
जाना
है
Zafar Iqbal
Send
Download Image
22 Likes
नहीं
है
लब
पे
दिखावे
का
भी
तबस्सुम
अब
हमें
किसी
ने
मुक़म्मल
उदास
कर
दिया
है
Amaan Haider
Send
Download Image
20 Likes
पूछा
जो
उन
सेे
चाँद
निकलता
है
किस
तरह
ज़ुल्फ़ों
को
रुख़
पे
डाल
के
झटका
दिया
कि
यूँँ
Arzoo Lakhnavi
Send
Download Image
43 Likes
उस
से
कहना
की
धुआँ
देखने
लाएक़
होगा
आग
पहने
हुए
मैं
जाऊँगा
पानी
की
तरफ़
Abhishek shukla
Send
Download Image
31 Likes
Read More
ये
नहीं
है
कि
उस
सेे
प्यार
नहीं
हाँ
पर
अब
उसका
इंतिज़ार
नहीं
बारिशें
हैं
फ़ुज़ूल
उनके
लिए
जिनके
पहलू
में
जिनका
यार
नहीं
याद
करने
का
हक़
है
मुझको
फ़क़त
कॉल
करने
का
इख़्तियार
नहीं
ज़िंदगी
बोलता
हूँ
तुमको,
पर
ज़िंदगी
का
कुछ
ऐतबार
नहीं
Read Full
Dipendra Singh 'Raaz'
Download Image
1 Like
किसी
की
लौट
आई
है
मुहब्बत
कोई
फिर
से
अकेला
पड़
गया
है
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
इज़्ज़त-ओ-आबरू
के
डर
से
फिर
इक
वालिद
ने
अपनी
बेटी
की
मोहब्बत
का
गला
घोंट
दिया
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
1 Like
मुझ
सेे
होकर
के
ही
बे-ज़ार
चले
जाते
हैं
मेरी
महफ़िल
से
मेरे
यार
चले
जाते
हैं
मुझको
मालूम
है
रहता
नहीं
है
अब
वो
वहाँँ
साल
में
फिर
भी
हम
इक
बार
चले
जाते
हैं
Read Full
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
5 Likes
उम्र
के
आख़िरी
दिनों
में
भी
तेरी
तस्वीर
साफ़
दिखती
है
Dipendra Singh 'Raaz'
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Self respect Shayari
Khushboo Shayari
Wafa Shayari
Justice Shayari
Tasweer Shayari