saath chalne ka kaha to ham barabar chal diye | साथ चलने का कहा तो हम बराबर चल दिए

  - Dipendra Singh 'Raaz'
साथचलनेकाकहातोहमबराबरचलदिए
जबकहाजानेकातोचुपचापबाहरचलदिए
उसकेजैसेहमभीआगेबढ़चुकेथेऔरफिर
एकदिनजबवोदिखातोमुस्कुराकरचलदिए
हमसेहीफिरहोपायाइश्क़उसकेबादभी
जानेकितनेलोगआएऔरआकरचलदिए
जिससफ़रसेलौटनेकाकोईभीरस्तानहीं
इश्क़कीधुनमेंमगनहमउससफ़रपरचलदिए
रेलकीपटरीपेबैठेथेकिसीकेहिज्रमें
तबहमेंइकफोनआयाऔरहमघरचलदिए
  - Dipendra Singh 'Raaz'
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