kya kisi ki talab nahin hoti | क्या किसी की तलब नहीं होती

  - Dinesh Thakur
क्याकिसीकीतलबनहींहोती
शा'इरीबे-सबबनहींहोती
जानेकिसधुनमेंभागेजातेहैं
जुस्तुजूजीमेंकबनहींहोती
बा-अदबदुश्मनीकोक्यारोएँ
दोस्तीबा-अदबनहींहोती
चाँदउसवक़्तभीतोहोताहै
जबकिसीघरमेंशबनहींहोती
हमनेदुनियामेंक्यानहींदेखा
हश्रकीफ़िक्रअबनहींहोती
मय-कदेमेंभीकुछकुछतोहै
भीड़यूँँहीग़ज़बनहींहोती
कौनसच्चाहैकौनझूटाहै
येजिरहहमसेअबनहींहोती
  - Dinesh Thakur
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