kabhi kabhi hi vo mujh se nahin jhagdta hai | कभी कभी ही वो मुझ से नहीं झगड़ता है

  - Dinesh Kumar Drouna
कभीकभीहीवोमुझसेनहींझगड़ताहै
वगर्नादेखताहैऔरटूटपड़ताहै
मिरीनज़रसेतोहैदूरवोबहुतलेकिन
मिरेख़यालकेहाँआस-पासपड़ताहै
हरा-भरातोबहुतथावोबाँसकाजंगल
किसेपताथामगरआगभीपकड़ताहै
यक़ीनउसकीरिफ़ाक़तकाकररहाहूँमैं
किजिसकाकाममेरेदुश्मनोंसेपड़ताहै
यहींपेरब्तमेंआताहैएकदोराहा
यहींपेकेमिराराब्ताबिगड़ताहै
मैंऐसीजंगमेंहूँएकऐसीजंगजहाँ
मिराख़ुलूसहीमेरेख़िलाफ़लड़ताहै
  - Dinesh Kumar Drouna
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy