ye kaise dard ne qisse ka ikhtitaam kiya | ये कैसे दर्द ने क़िस्से का इख़्तिताम किया

  - Dilnawaz Khan Dilnawaz
येकैसेदर्दनेक़िस्सेकाइख़्तितामकिया
मुझेमिटानेकाइकज़ौक़-ए-ना-तमामकिया
वोसब्ज़ासूखावोपेड़ोंसेगिरपड़ेपत्ते
हमारीमौतकाकिसकिसनेएहतिरामकिया
उठाजनाज़ातोआँसूबहाकेबादलने
वुज़ूकाकितनायेबर-वक़्तइंतिज़ामकिया
बहिश्तऔरजहन्नुमकेदरमियाँरखा
मिरेगुनाहोंनेइतनातोएककामकिया
है'दिल-नवाज़'येदुनियाकाएकखेलनया
किसीनेलूटाहमेंऔरकिसीकानामकिया
  - Dilnawaz Khan Dilnawaz
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