ashk aankhoñ se dhalti dekha hai | अश्क आँखों से ढलते देखा है

  - Dilnawaz Khan Dilnawaz
अश्कआँखोंसेढलतेदेखाहै
ज़िंदगीकोमचलतेदेखाहै
गर्दिश-ए-वक़्तकबरुकीलेकिन
उसकोपहलूबदलतेदेखाहै
दमपेउनकेकरमकीयूरिशमें
किसनेदमकोनिकलतेदेखाहै
आसकीजोतदिलकीगर्मीमें
सारेएहसासपलतेदेखाहै
जिनकोदुनियाकीहरख़ुशीहैमिली
हाथउनकोभीमलतेदेखाहै
बंदआँखोंमेंतेराहुस्न-ए-ख़याल
तुझकोहरसम्तचलतेदेखाहै
'दिल-नवाज़'आतिश-ए-तलबहीतोथी
जिसमेंतुमकोभीजलतेदेखाहै
  - Dilnawaz Khan Dilnawaz
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