mumkin hai ki milte koi dam dono kinaare | मुमकिन है कि मिलते कोई दम दोनों किनारे

  - Dilawar Ali Aazar
मुमकिनहैकिमिलतेकोईदमदोनोंकिनारे
इकमौजकेमुहताजथेहमदोनोंकिनारे
यूँँआँखझपकतानहींबहताहुआपानी
मंज़रमेंहोजाएँबहमदोनोंकिनारे
आबादहमेशाहीरहेगायेसमुंदर
रखतेहैंमछेरोंकाभरमदोनोंकिनारे
ता-उम्रकिसीमौजा-ए-ख़ुश-रौकीहवसमें
बेदाररहेदमहमा-दमदोनोंकिनारे
खुलतीहैयहाँकेमिरेख़्वाबकीवुसअ'त
होतेहैंमिरीआँखमेंज़मदोनोंकिनारे
येफ़ासलामिट्टीसेकभीतयनहींहोगा
दरियाकीहैंवुसअ'तपेक़समदोनोंकिनारे
सबसैरकोनिकलेंगेसर-ए-साहिल-ए-हर-ख़्वाब
सय्याहोंकेचू
मेंगेक़दमदोनोंकिनारे
कश्तीकीतरहउम्रख़िज़र-गीरहै'आज़र'
हस्तीकेहैंमौजूद-ओ-अदमदोनोंकिनारे
  - Dilawar Ali Aazar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy