mire yahaañ tiri awaaz rah gaii baaki | मिरे यहाँ तिरी आवाज़ रह गई बाक़ी

  - Dheerendra Singh Faiyaz
मिरेयहाँतिरीआवाज़रहगईबाक़ी
तिरानिशाँतिरीआवाज़रहगईबाक़ी
बसइकयक़ीनबदनदूरलेगईहैतू
बसइकगुमाँतिरीआवाज़रहगईबाक़ी
हमारेघरकेवोकोनेभीहोगएपागल
जहाँजहाँतिरीआवाज़रहगईबाक़ी
सुनाईदीअभीपत्तोंकीसरसराहटमें
कहाँकहाँतिरीआवाज़रहगईबाक़ी
हरएककोनेसेकमरेकेचुनरहाहूँमैं
जहाँ-तहाँतिरीआवाज़रहगईबाक़ी
उदासशामकीसाकितहवाकेहोंटोंपर
रवाँरवाँतिरीआवाज़रहगईबाक़ी
तूमेरेघरसेहरइकचीज़लेगईअपनी
मगरयेजाँतिरीआवाज़रहगईबाक़ी
  - Dheerendra Singh Faiyaz
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