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Dharmesh Solanki
ai qalamkaar tu kar saka hai kuchh ab bhi kamaal
ai qalamkaar tu kar saka hai kuchh ab bhi kamaal | ऐ क़लमकार तू कर सकता है कुछ अब भी कमाल
- Dharmesh Solanki
ऐ
क़लमकार
तू
कर
सकता
है
कुछ
अब
भी
कमाल
इस
कहानी
में
उसे
कर
मिरा
मुझ
में
जाँ
डाल
- Dharmesh Solanki
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एक
नया
'आशिक़
है
उसका,
जान
छिड़कता
है
उसपर
मुझको
डर
है
वो
भी
इक
दिन
मय-ख़ाने
से
निकलेगा
Siddharth Saaz
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सुनो
हर-वक़्त
इतना
याद
भी
मत
कीजिए
हमको
कहीं
ऐसा
न
हो
की
हिचकियों
में
जाँ
निकल
जाए
Sandeep dabral 'sendy'
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गर
उदासी,
चिड़चिड़ापन,
जान
देना
प्यार
है
माफ़
करना,
काम
मुझको
और
भी
हैं
दोस्तो
Divy Kamaldhwaj
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इतनी
मिलती
है
मिरी
ग़ज़लों
से
सूरत
तेरी
लोग
तुझ
को
मिरा
महबूब
समझते
होंगे
Bashir Badr
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पत्थर
के
ख़ुदा
पत्थर
के
सनम
पत्थर
के
ही
इंसाँ
पाए
हैं
तुम
शहर-ए-मोहब्बत
कहते
हो
हम
जान
बचा
कर
आए
हैं
Sudarshan Fakir
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ज़ब्त
का
ऐसे
इम्तिहान
न
ले
ऐ
मेरी
जान
मेरी
जान
न
ले
Khalid Sajjad
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पहले
लगा
था
हिज्र
में
जाएँगे
जान
से
पर
जी
रहे
हैं
और
भी
हम
इत्मीनान
से
Ankit Maurya
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जाँ
हम
दोनों
साथ
में
अच्छे
लगते
हैं
देखो
शे'र
मुकम्मल
अच्छा
लगता
है
Neeraj Neer
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तुम्हें
हुस्न
पर
दस्तरस
है
मोहब्बत
वोहब्बत
बड़ा
जानते
हो
तो
फिर
ये
बताओ
कि
तुम
उस
की
आँखों
के
बारे
में
क्या
जानते
हो
ये
जुग़राफ़िया
फ़ल्सफ़ा
साईकॉलोजी
साइंस
रियाज़ी
वग़ैरा
ये
सब
जानना
भी
अहम
है
मगर
उस
के
घर
का
पता
जानते
हो
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Tehzeeb Hafi
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इक
ये
भी
तो
अंदाज़-ए-इलाज-ए-ग़म-ए-जाँ
है
ऐ
चारागरो
दर्द
बढ़ा
क्यूँँ
नहीं
देते
Ahmad Faraz
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सुन
कि
कुछ
कह
रही
है
मेरी
निगाह
आज
ख़ामोश
सी
है
मेरी
निगाह
चाँद
जैसी
ये
शक्ल
किस
की
है
जिस
पे
कब
से
टिकी
है
मेरी
निगाह
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Dharmesh Solanki
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पहले
तो
बर्बादियों
का
जश्न
होना
चाहिए
बाद
में
आराम
से
अच्छे
से
रोना
चाहिए
Dharmesh Solanki
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ख़ुद
को
ऊपर
उठा
उसे
न
गिरा
सुर्ख़-रू
हो
के
इंतिक़ाम
ले
दोस्त
Dharmesh Solanki
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हमेशा
हँसती
रहो
ख़ुश
रहो
दुखी
न
रहो
कली
हो
खिलती
हुई
तुम
बुझी
बुझी
न
रहो
Dharmesh Solanki
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जल्द-बाज़ी
न
करना
चमकने
में
दोस्त
रात
में
कोई
सूरज
निकलता
नहीं
Dharmesh Solanki
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