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Dharmesh Solanki
achha hua javaab na aaya nahin to dost
achha hua javaab na aaya nahin to dost | अच्छा हुआ जवाब न आया नहीं तो दोस्त
- Dharmesh Solanki
अच्छा
हुआ
जवाब
न
आया
नहीं
तो
दोस्त
ता-उम्र
उस
जवाब
से
बाहर
न
आता
मैं
- Dharmesh Solanki
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हर
गीत
में
हर
बार
गाऊँगा
तुझे
अपनी
ग़ज़ल
में
गुनगुनाऊँगा
तुझे
तू
ईद
है
और
तू
ही
दीवाली
मेरी
मैं
हर
बरस
यूँँही
मनाऊँगा
तुझे
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Krishnakant Kabk
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नापता
हूँ
मैं
ख़यालात
की
गहराई
को
कौन
समझेगा
मेरी
बात
की
गहराई
को
Charagh Sharma
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मैं
कहता
हूँ
"सुनो
लड़की!
मुझे
कुछ
तुम
से
कहना
था"
वो
ऐसे
पूछती
है
फिर
मैं
सब
कुछ
भूल
जाता
हूँ
Shadab Asghar
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माँ-बाबा
का
सोच
के
हर
दम
रुक
जाता
हूँ
वरना
तो
इतने
ग़म
में
मैंने
पंखे
से
टंग
कर
मर
जाना
था
Shashwat Singh Darpan
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अगर
मैं
कथा
का
क़लमकार
होता
यक़ीनन
ही
वो
तो
मिरा
यार
होता
लगाती
नहीं
हर
दफ़ा
वो
बहाने
लगा
लेती
सीने
से
गर
प्यार
होता
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Vijay Potter Singhadiya
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अदाकार
के
कुछ
भी
बस
का
नहीं
है
मोहब्बत
है
ये
कोई
ड्रामा
नहीं
है
जिसे
तेरी
आँखें
बताती
हैं
रस्ता
वो
राही
कहीं
भी
पहुँचता
नहीं
है
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Zubair Ali Tabish
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चारा-गर
तो
तभी
बचा
पाएँगे
ना
चारा-गर
की
जान
बचाओ
पहले
तो
Siddharth Saaz
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कमरे
में
सिगरेटों
का
धुआँ
और
तेरी
महक
जैसे
शदीद
धुँध
में
बाग़ों
की
सैर
हो
Umair Najmi
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उस
ने
सारी
दुनिया
माँगी
मैंने
उस
को
माँगा
है
उस
के
सपने
एक
तरफ़
हैं
मेरा
सपना
एक
तरफ़
Varun Anand
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हुस्न
सब
को
ख़ुदा
नहीं
देता
हर
किसी
की
नज़र
नहीं
होती
Ibn E Insha
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अपने
वालिद
की
रख
गई
इज़्ज़त
मुझ
सेे
अगले
जनम
का
वा'दा
किया
Dharmesh Solanki
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तुम
ने
चाही
थी
वो
बात
होने
को
है
मुस्कुराओ
मिरी
मात
होने
को
है
Dharmesh Solanki
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हो
गई
शब
न
कर
उदास
मुझे
खींच
जल्दी
से
अपने
पास
मुझे
ऐ
ख़ुशी
जा
कि
तेरा
अब
क्या
काम
आ
गई
है
उदासी
रास
मुझे
मेरी
तकलीफ़
कुछ
तो
कम
होती
जो
नज़र
आती
तुम
उदास
मुझे
ज़िम्मे-दारी
ही
पहने
फिरता
हूँ
कैसे
देखोगे
ख़ुश-लिबास
मुझे
अपने
ज़ेवर
नज़र
में
रखते
हैं
लोग
वो
भी
रखता
है
आस-पास
मुझे
आज
भी
भेजी
ख़त
में
कड़वाहट
आज
तो
भेजते
मिठास
मुझे
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Dharmesh Solanki
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सितम
कि
वो
कभी
आया
नहीं
मिरी
जानिब
अना
कि
मैं
भी
कभी
ढूँढने
न
निकला
उसे
Dharmesh Solanki
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पहले
तो
बर्बादियों
का
जश्न
होना
चाहिए
बाद
में
आराम
से
अच्छे
से
रोना
चाहिए
Dharmesh Solanki
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