shor-e-atash jo phoolon ki har anjuman men hai | शोर-ए-अतश जो फूलों की हर अंजुमन में है

  - Dhanpat Rai Thapar Raz
शोर-ए-अतशजोफूलोंकीहरअंजुमनमेंहै
कैफ़िय्यत-ए-बहारकीशिद्दतचमनमेंहै
फ़ैज़-ए-नसीमसेहैंखिलेगुलरविशरविश
फ़िरदौसकीबहारहमारेचमनमेंहै
वोकैफ़ियतकहाँहैमय-ए-नौ-कशीदमें
जोलुत्फ़जोमज़ाकिशराब-ए-कुहनमेंहै
शहनाज़-ए-गुलबतादेज़राअहल-ए-शौक़को
ख़ुश्बूयेकिसबदनकीतिरेपैरहनमेंहै
'साहिर'केफ़ैज़-ओ-लुतफ़सेकहलेताहैग़ज़ल
अब'राज़'काशुमारभीअहल-ए-सुख़नमेंहै
  - Dhanpat Rai Thapar Raz
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