kya chaaha tha kya socha tha kya guzri kya baat hui | क्या चाहा था क्या सोचा था क्या गुज़री क्या बात हुई

  - Devmani pandey
क्याचाहाथाक्यासोचाथाक्यागुज़रीक्याबातहुई
दिलभीटूटाघरभीछूटारुस्वाईभीसाथहुई
वोक्याजानेउससेबिछड़केहमपरक्याक्यागुज़रीहै
सहराजैसादिनकाआलमपर्बतजैसीरातहुई
उसकेख़तकोकैसेपढ़ूँमैंसारेलफ़्ज़तोभीगेहैं
मेरीछतपरबादलछाएउसकेघरबरसातहुई
यूँँखोएहमयादमेंउसकीगोयाख़ुदकोभूलगए
किसीख़बरहैकबदिननिकलाकिसेपताकबरातहुई
दिलकेप्यासेआँगनमेंकलयादकेबादलयूँँआए
देरतलकयेतन-मनभीगाबे-मौसमबरसातहुई
  - Devmani pandey
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