kuchh yuñ safar ke shauq ne manzar dikh | कुछ यूँँ सफ़र के शौक़ ने मंज़र दिखाए हैं

  - Devmani pandey
कुछयूँँसफ़रकेशौक़नेमंज़रदिखाएहैं
मंज़िलकेपासकेक़दमलड़खड़ाएहैं
दुनियाकेदुखतुम्हारेसितमदोस्तोंकेग़म
किसकिसकोहमबताएँकिकिसकेसताएहैं
आएहैंइश्क़मेंकभीऐसेमक़ामभी
आँखेंथींअश्क-बारतोलबमुस्कुराएहैं
अक्सरलगाहैसचभीमिराझूटआपको
परसचयहीहैमैंनेबहुतज़ख़्मखाएहैं
ऐसालगाकिजागउठेपत्थरोंमेंसर
जबभीतुम्हारेहोंटकभीगुनगुनाएहैं
  - Devmani pandey
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