mere haathon men gham ka pata dekhkar | मेरे हाथों में ग़म का पता देखकर

  - Deepika Jain
मेरेहाथोंमेंग़मकापतादेखकर
रूठतीहैख़ुशीगमज़दादेखकर
अबतोडसनेलगीतीरगीभीमुझे
मेरेहाथोंकादीयाबुझादेखकर
रातदिनखाताथाप्यारमेंवोक़सम
हैख़ुदाहैराँअबबे-वफ़ादेखकर
पैसेलेकरजोनेतानहींडरता,क्यूँ
डरगयावोहीअबकैमरादेखकर
जश्नकरतारहारातभरवोरक़ीब
ख़ुशहुआथामेराघरजलादेखकर
मारदेतीहैमांँअपनीहीभूख'दीप'
डिब्बेमेंखानाअक्सरज़रादेखकर
  - Deepika Jain
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