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Deepali Agarwal
ishq ka panna kahii moda gaya hai
ishq ka panna kahii moda gaya hai | इश्क़ का पन्ना कहीं मोड़ा गया है
- Deepali Agarwal
इश्क़
का
पन्ना
कहीं
मोड़ा
गया
है
फूल
इक
गुल
दान
से
तोड़ा
गया
है
इश्क़
की
राहों
का
मुझ
को
क्या
पता
है
बीच
रस्ते
में
मुझे
छोड़ा
गया
है
मन
किसी
शीशे
सरीखा
हो
चला
है
दिख
ही
जाता
है
कहाँ
जोड़ा
गया
है
दूर
जाने
की
कही
थी
बात
उस
ने
रह
गया
थोड़ा
यहाँ
थोड़ा
गया
है
दिल
उसी
को
चाहता
है
टूट
कर
के
जिस
के
हाथों
बारहा
तोड़ा
गया
है
- Deepali Agarwal
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वो
सिर्फ़
फूल
नहीं
ख़ुद
में
ही
क्यारी
था
हमारा
शे'र
तुम्हारी
ग़ज़ल
पे
भारी
था
सब
उसके
चाहने
वाले
सलाम
करते
थे
मैं
उस
हसीन
का
सब
सेे
बड़ा
पुजारी
था
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Vishnu virat
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तितली
वो
ही
फूल
चुनेगी
जिस
पर
उसका
दिल
आए
इक
लड़की
के
पीछे
इतनी
मारामारी
ठीक
नहीं
Shubham Seth
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है
समझना
आपको
तो
शे'र
से
इज़हार
समझें
बात
कहने
को
भला
हम
फूल
क्यूँ
तोड़ा
करेंगे
Ankit Maurya
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"उसके
हाथ
में
फूल
है"
मत
कहिए,
कहिए
उसका
हाथ
है
फूल
को
फूल
बनाने
में
Charagh Sharma
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तितली
से
दोस्ती
न
गुलाबों
का
शौक़
है
मेरी
तरह
उसे
भी
किताबों
का
शौक़
है
Charagh Sharma
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उम्र
गुज़री
है
माँजते
ख़ुद
को
साफ़
हैं
पर
चमक
नहीं
पाए
डाल
ने
फूल
की
तरह
पाला
ख़ार
थे
ना
महक
नहीं
पाए
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Vishal Bagh
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अगरचे
फूल
ये
अपने
लिए
ख़रीदे
हैं
कोई
जो
पूछे
तो
कह
दूँगा
उस
ने
भेजे
हैं
Iftikhar Naseem
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फूल
की
आँख
में
शबनम
क्यूँँ
है
सब
हमारी
ही
ख़ता
हो
जैसे
Bashir Badr
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तुम
सेे
जो
मिला
हूँ
तो
मेरा
हाल
है
बदला
पतझड़
में
भी
जैसे
के
कोई
फूल
खिला
हो
Haider Khan
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तमाम
शहर
की
ख़ातिर
चमन
से
आते
हैं
हमारे
फूल
किसी
के
बदन
से
आते
हैं
Farhat Ehsaas
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बस
अब
दुनिया
से
पर्दा
चाहती
हूँ
में
सब
से
दूर
रहना
चाहती
हूँ
सितारों
की
तरह
या
गुल
के
जैसे
जवानी
में
ही
मरना
चाहती
हूँ
वो
एक
तस्वीर
जो
बनती
नहीं
है
उसी
में
रंग
भरना
चाहती
हूँ
किताबों
को
उठा
कर
गोद
में
यूँँ
मैं
कोई
शे'र
कहना
चाहती
हूँ
मुझे
भी
इल्म
है
दुनिया
का
सारा
मैं
धीमी
मौत
मरना
चाहती
हूँ
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Deepali Agarwal
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सज़ा
देना
है
तो
ऐसी
सज़ा
दे
किसी
से
इश्क़
करना
ही
सिखा
दे
मुझे
फिर
कुछ
दुआएँ
माँगनी
हैं
उफ़ुक़
से
फिर
कोई
तारा
गिरा
दे
वो
तुझ
को
आज़माना
चाहता
है
तू
अपने
सब्र
से
उस
को
हरा
दे
अगर
जाना
है
तो
जाए
वो
लेकिन
सबब
तो
छोड़
जाने
का
बता
दे
बनाऊँ
कोई
तो
ऐसी
ख़बर
में
ख़बर
उस
को
जो
अंदर
तक
हिला
दे
बस
इतनी
रौशनी
की
आरज़ू
है
जो
मेरे
साए
से
मुझ
को
मिला
दे
मैं
ख़ुद
से
बात
जी
भर
कर
सकूँ
बस
मुझे
इतनी
हवा
इतनी
फ़ज़ा
दे
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Deepali Agarwal
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