in ke aariz pe ashkon ke dhaare | इन के आरिज़ पे अश्कों के धारे

  - Daur Afridi
इनकेआरिज़पेअश्कोंकेधारे
जैसेफूलोंकोशबनमसँवारे
ग़मकरइसजहान-ए-तलबमें
टूटजातेहैंअक्सरसहारे
तुमनेमंतिक़सेउल्फ़तकोसमझा
तुमहीजीतेचलोहमहीहारे
ग़मकीज़हमतमेंक्याकुछबीती
रातकाटीहैगिनगिनकेतारे
छोड़करमुझकोबहर-ए-अलममें
तेरीकश्तीगईहैकिनारे
इसकोफ़ख़्र-ए-मोहब्बतक्यूँहो
'दौर'दिलमेंरहाहैतुम्हारे
  - Daur Afridi
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