mohabbat ki mata-e-jaavedaani le ke aaya hooñ | मोहब्बत की मता-ए-जावेदानी ले के आया हूँ

  - Darshan Singh
मोहब्बतकीमता-ए-जावेदानीलेकेआयाहूँ
तिरेक़दमोंमेंअपनीज़िंदगानीलेकेआयाहूँ
कहाँसीम-ओ-गुहरजिनकोलुटाऊँतेरेक़दमोंपर
बरा-ए-नज़्रअश्कोंकीरवानीलेकेआयाहूँ
तुझेजोपूछनाहोपूछलेदावर-ए-महशर
मैंअपनेसाथअपनीबे-ज़बानीलेकेआयाहूँ
ज़मीन-ओ-मुल्ककेबदलेदिलोंपरहैनज़रमेरी
अछूताइकतरीक़-ए-हुक्मरानीलेकेआयाहूँ
मिरेज़ख़्म-ए-तमन्नादेखकरपहचानलोमुझको
तुम्हारीहीअता-कर्दानिशानीलेकेआयाहूँ
मिरेअशआ'रमेंमुज़्मरहैंलाखोंधड़कनेंदिलकी
मैंइकदुनियाकाग़मदिलकीज़बानीलेकेआयाहूँ
मोहब्बतनामहैबेताबी-ए-दिलकेतसलसुलका
मोहब्बतकीमैं'दर्शन'येनिशानीलेकेआयाहूँ
  - Darshan Singh
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