kar ga.e itnaa nikamma tire ehsaan ham ko | कर गए इतना निकम्मा तिरे एहसाँ हम को

  - Darshan Dayal Parwaz
करगएइतनानिकम्मातिरेएहसाँहमको
फ़ाएदेसेभीज़ियादाहुआनुक़साँहमको
मय-कशीसेहमेंयेफ़ाएदाहैज़ाहिद
लगनेलगतेहैंसभीकामहीआसाँहमको
कौननुक़सानउठाताहैउसूलोंकेलिए
दीन-ओ-ईमानसेबढ़करहैंदिल-ओ-जाँहमको
हमसेनाचीज़भीरखतेहैंयेख़्वाहिशदिलमें
कोईसमझेहमेंआक़ाकोईसुल्ताँहमको
आजपुलबाँधरहेहैंवहीता'रीफ़ोंके
ज़िंदगीभरजोसमझतेरहेनादाँहमको
ख़ुद-बख़ुदढूँडेगीरस्ताकोईरहमतउसकी
रासजाएगीख़ुदगर्दिश-ए-दौराँहमको
फ़िक्र-ए-फ़र्दासबड़ारोगनहींकोईभी
उम्रभररखतीहैबेकारपरेशाँहमको
दिलमेंहैदर्दतिराफ़िक्रतिरीप्यारतिरा
कैसेलगतायेवीरानागुलिस्ताँहमको
  - Darshan Dayal Parwaz
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