dekhna ho gar banaa kar kaanch ka ghar dekhna | देखना हो गर बना कर काँच का घर देखना

  - Daood Mohsin
देखनाहोगरबनाकरकाँचकाघरदेखना
कौनबरसाताहैकिसजानिबसेपत्थरदेखना
मेरीपलकोंपरअटीहैगर्दरंज-ओ-कर्बकी
दर्दआँखोंमेंसमायाहैसमुंदरदेखना
अपनीख़ामुशीबनेगीजबफ़सानानदीम
लोगहाथोंमेंलिएआएँगेपत्थरदेखना
मैंहीइकहैराँनहींहूँदम-ब-ख़ुदहैंसबयहाँ
क़ौमकोलेजाएँगेकिससम्तरहबरदेखना
आपअपनेवास्तेरखलेंचराग़-ए-आरज़ी
बसमिराशेवाहैज़ुल्मतमेंउतरकरदेखना
हैवफ़ाओंपरभरोसारंगलाएँगीज़रूर
जागउट्ठेगाकभीमेरामुक़द्दरदेखना
ख़त्मख़ून-ए-दिलहुआकैसेभरेंरंग-ए-वफ़ा
क्याबनापाएँगेहमतस्वीर-ए-दिलबरदेखना
ज़ाविएअपनीउड़ानोंकेबदलनेलगगए
कौनदमलेताहै'मोहसिन'अबकहाँपरदेखना
  - Daood Mohsin
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