सुनोकिइश्क़-ओ-मोहब्बतकाताजदारहूँमैं
मोहब्बतोंकेसफ़ीनेपेअबसवारहूँमैं
गुलाबखिलतेहैंसीनेमेंमेरेशे'रोंके
सोशाख़-ए-गुलकीतरहसेहीख़ार-दारहूँमैं
नढूँडअबतूमुझेज़िंदगीकीराहोंमें
तिरीहयातकीगुज़रीहुईबहारहूँमैं
येमेरेशानेपेजोसरहैइकअमानतहै
सलीब-ए-अरसा-ए-हस्तीपेइकउधारहूँमैं
ख़ुदा-ए-पाकसफ़ीनाउतारदेमेरा
बहुतज़मानाहुआसिर्फ़इंतिज़ारहूँमैं
नहींहैख़ुदमुझेअपनीहीज़ातपरकोईहक़
येकिसनेकहदियाहैअहल-ए-इख़्तियारहूँमैं
वरक़वरक़पेकईनक़्शथेनुमायाँसे
उन्हींनुक़ूशसेउभरासाइज़्तिरारहूँमैं
ख़ुशीकेनग़्मेंसुनाऊँकहाँसेमैं'दानिश'
ग़म-ओ-अलमकीबहुतलंबीइकक़तारहूँमैं