bahaar naam hai mausam ke rukh badlne ka | बहार नाम है मौसम के रुख़ बदलने का

  - dagh Niyazi
बहारनामहैमौसमकेरुख़बदलनेका
लोवक़्तगयाबाग़ोंमेंआमफलनेका
मैंहारमानचुकाहूँख़ुशामदेंकरके
मगरवोनामहीलेतानहींपिघलनेका
वोडगमगाकेभीसाबित-क़दमहीरहताहै
हमेंभीउससेहुनरसीखनाहैचलनेका
अजबनहींहैकिरुस्वाइयाँहीहाथआएँ
सँभलभीजाकिअभीवक़्तहैसँभलनेका
हथेलियोंपेसजाएहैंजानपरवाने
अबइंतिज़ारहैबसउनकोशम्अ'जलनेका
हरएकमोड़पेपहरेबिठादिएगए'दाग़'
कोईभीरास्ताबाक़ीनहींनिकलनेका
  - dagh Niyazi
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