uzr aane men bhi hai aur bulaate bhi nahin | उज़्र आने में भी है और बुलाते भी नहीं

  - Dagh Dehlvi
उज़्रआनेमेंभीहैऔरबुलातेभीनहीं
बाइस-ए-तर्क-ए-मुलाक़ातबतातेभीनहीं
मुंतज़िरहैंदम-ए-रुख़्सतकियेमरजाएतोजाएँ
फिरयेएहसानकिहमछोड़केजातेभीनहीं
सरउठाओतोसहीआँखमिलाओतोसही
नश्शा-ए-मयभीनहींनींदकेमातेभीनहीं
क्याकहाफिरतोकहोहमनहींसुनतेतेरी
नहींसुनतेतोहमऐसोंकोसुनातेभीनहीं
ख़ूबपर्दाहैकिचिलमनसेलगेबैठेहैं
साफ़छुपतेभीनहींसामनेआतेभीनहीं
मुझसेलाग़रतिरीआँखोंमेंखटकतेतोरहे
तुझसेनाज़ुकमिरीनज़रोंमेंसमातेभीनहीं
देखतेहीमुझेमहफ़िलमेंयेइरशादहुआ
कौनबैठाहैउसेलोगउठातेभीनहीं
होचुकाक़त्अतअ'ल्लुक़तोजफ़ाएँक्यूँँहों
जिनकोमतलबनहींरहतावोसतातेभीनहीं
ज़ीस्तसेतंगहो'दाग़'तोजीतेक्यूँँहो
जानप्यारीभीनहींजानसेजातेभीनहीं
  - Dagh Dehlvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy