baaki jahaan men qais na farhaad rah gaya | बाक़ी जहाँ में क़ैस न फ़रहाद रह गया

  - Dagh Dehlvi
बाक़ीजहाँमेंक़ैसफ़रहादरहगया
अफ़्सानाआशिक़ोंकाफ़क़तयादरहगया
येसख़्त-जाँतोक़त्लसेनाशादरहगया
ख़ंजरचलातोबाज़ू-ए-जल्लादरहगया
पाबंदियोंनेइश्क़कीबेकसरखामुझे
मैंसौअसीरियोंमेंभीआज़ादरहगया
चश्म-ए-सनमनेयूँँतोबिगाड़ेहज़ारघर
इककाबाचंदरोज़कोआबादरहगया
महशरमेंजा-ए-शिकवाकियाशुक्रयारका
जोभूलनाथामुझकोवहीयादरहगया
उनकीतोबनपड़ीकिलगीजानमुफ़्तहाथ
तेरीगिरहमेंक्यादिल-ए-नाशादरहगया
पुर-नूरहोरहेगायेज़ुल्मत-कदाअगर
दिलमेंबुतोंकाशौक़-ए-ख़ुदा-दादरहगया
यूँँआँखउनकीकरकेइशारापलटगई
गोयाकिलबसेहोकेकुछइरशादरहगया
नासेहकाजीचलाथाहमारीतरहमगर
उल्फ़तकीदेखदेखकेउफ़्तादरहगया
हैंतेरेदिलमेंसबकेठिकानेबुरेभले
मैंख़ानुमाँ-ख़राबहीबर्बादरहगया
वोदिनगएकिथीमिरेसीनेमेंकुछख़राश
अबदिलकहाँहैदिलकानिशाँयादरहगया
सूरतकोतेरीदेखकेखिंचतीहैजान-ए-ख़ल्क़
दिलअपनाथामथामकेबहज़ादरहगया
'दाग़'दिलहीदिलमेंघुलेज़ब्त-ए-इश्क़से
अफ़्सोसशौक़-ए-नाला-ओ-फ़रियादरहगया
  - Dagh Dehlvi
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