baat meri k | बात मेरी कभी सुनी ही नहीं

  - Dagh Dehlvi
बातमेरीकभीसुनीहीनहीं
जानतेवोबुरीभलीहीनहीं
दिल-लगीउनकीदिल-लगीहीनहीं
रंजभीहैफ़क़तहँसीहीनहीं
लुत्फ़-ए-मयतुझसेक्याकहूँज़ाहिद
हाएकम-बख़्ततूनेपीहीनहीं
उड़गईयूँँवफ़ाज़मानेसे
कभीगोयाकिसीमेंथीहीनहीं
जानक्यादूँकिजानताहूँमैं
तुमनेयेचीज़लेकेदीहीनहीं
हमतोदुश्मनकोदोस्तकरलेते
परकरेंक्यातिरीख़ुशीहीनहीं
हमतिरीआरज़ूपेजीतेहैं
येनहींहैतोज़िंदगीहीनहीं
दिल-लगीदिल-लगीनहींनासेह
तेरेदिलकोअभीलगीहीनहीं
'दाग़'क्यूँँतुमकोबे-वफ़ाकहता
वोशिकायतकाआदमीहीनहीं
  - Dagh Dehlvi
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