hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Charagh
main baitha uski soch men hooñ kuchh asmanjas sankoch men hooñ
main baitha uski soch men hooñ kuchh asmanjas sankoch men hooñ | मैं बैठा उसकी सोच में हूँ, कुछ असमंजस संकोच में हूँ
- Charagh
मैं
बैठा
उसकी
सोच
में
हूँ,
कुछ
असमंजस
संकोच
में
हूँ
मेरी
नींदें
तो
उसकी
हैं,
क्या
जाग
रही
वो
भी
होगी?
- Charagh
Download Sher Image
न
हम-सफ़र
न
किसी
हम-नशीं
से
निकलेगा
हमारे
पाँव
का
काँटा
हमीं
से
निकलेगा
Rahat Indori
Send
Download Image
53 Likes
पास
मैं
जिसके
हूँ
वो
फिर
भी,
अच्छा
लड़का
ढूँढ़
रही
है
उसने
लगा
रक्खा
है
चश्मा,
और
वो
चश्मा
ढूँढ़
रही
है
फ़ोन
किया
मैंने
और
पूछा,
अब
तक
घर
से
क्यूँँ
नहीं
निकली
उस
ने
कहा
मुझ
सेे
मिलने
का,
एक
बहाना
ढूँढ़
रही
है
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
53 Likes
जिस
मौसम
में
भीगना
है
हम
दोनों
को
उस
मौसम
में
पूछ
रही
हो
छाता
है
Zubair Alam
Send
Download Image
39 Likes
मेरे
होंठों
के
सब्र
से
पूछो
उसके
हाथों
से
गाल
तक
का
सफ़र
Mehshar Afridi
Send
Download Image
56 Likes
निगाहें
फेर
ली
घबरा
के
मैंने
वो
तुम
से
ख़ूब-सूरत
लग
रही
थी
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
122 Likes
उसे
पागल
बनाती
फिर
रही
हो
जिसे
शौहर
बनाना
चाहिए
था
Arvind Inaayat
Send
Download Image
58 Likes
दिल
की
तमन्ना
थी
मस्ती
में
मंज़िल
से
भी
दूर
निकलते
अपना
भी
कोई
साथी
होता
हम
भी
बहकते
चलते
चलते
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
34 Likes
वो
आँखें
चुप
थीं
लेकिन
हँस
रही
थीं
मेरा
जी
कर
रहा
था
चूम
लूँ
अब
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
33 Likes
ग़ुबार-ए-वक़्त
में
अब
किस
को
खो
रही
हूँ
मैं
ये
बारिशों
का
है
मौसम
कि
रो
रही
हूँ
मैं
Shahnaz Parveen Sahar
Send
Download Image
36 Likes
जब
भी
कोई
मंज़िल
हासिल
करता
हूँ
याद
बहुत
आती
हैं
तेरी
ता'रीफ़ें
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
37 Likes
Read More
मैं
जागता
पहले
वो
रुक्सत
हो
गया
था
कल
ख़्वाब
आया
था
फ़क़त
मैं
सो
गया
था
कल
Charagh
Send
Download Image
1 Like
फिर
रहे
जागते
रात
को
हम,
फिर
रात
चुनौती
हार
गई
हम
पर
जो
गुज़री
सो
गुज़री,
रात
पे
गुज़री
होगी
क्या
Charagh
Send
Download Image
2 Likes
जानता
हूँ,
है
जहाँ
ये
झूठ
लेकिन
मैं
भरोसा
तुम
पे
करना
चाहता
हूँ
Charagh
Send
Download Image
1 Like
जवाब
आते
थे
के
अबके
राख
आई
है
ख़त
जलाने
का
रिवाज़
था
मगर
पढ़ने
के
बाद
सोचा
की
न
लिखेंगे
अब,
जो
थी
बातें
हो
चुकी
मैंने
लिखा
है
तुम्हें,
ख़ुद
से
बहुत
लड़ने
के
बाद
अबके
टूटा
है
कि
यूँँ
जुड़ता
नज़र
आता
नहीं
रहिमन
धागा
प्रेम
का
है,
गाँठ
पड़ने
के
बाद
घर
मेरा
था,
अब
होता
जा
रहा
मज़ार
है
वो
लौट
आएँगे,
यक़ीनन
मेरे
मरने
के
बाद
Read Full
Charagh
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Faasla Shayari
Kashmir Shayari
Jalwa Shayari
Shama Shayari
Motivational Shayari in Hindi