main rozgaar-e-muhabbat men kam pagaar pe tha | मैं रोज़गार-ए-मुहब्बत में कम पगार पे था

  - Charagh Sharma
मैंरोज़गार-ए-मुहब्बतमेंकमपगारपेथा
औरइतनीकमकिग़ज़लकागुज़रउधारपेथा
हमाराइश्क़भीयारानेकीकगारपेथा
जबउसने"प्यार"कहाथातोज़ोर"यार"पेथा
किसेख़बरथीकिदरवाज़ाभीखुलाहुआहै
सभीकाध्यानतोदीवारकीदरारपेथा
मुझेख़रीदनेदोतीनलोगआएथे
औरउन
मेंसेभीमेराक़र्ज़तीन-चारपेथा
मैंजिसगुलाबकीख़ातिरथाख़ारकीज़दमें
उसेभीमुझपेभरोसानहींथाख़ारपेथा
बतारहाथाअँधेराबहुतहैदुनियामें
वोइकचराग़जोमंसूरकेमज़ारपेथा
हुआथाक़त्लकलउसकेकिसीदिवानेका
ख़ुदाकाशुक्र!किइल्ज़ामख़ाकसारपेथा
  - Charagh Sharma
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