daur-e-nigaah-e-saaqi-e-mastaana ek hai | दौर-ए-निगाह-ए-साक़ी-ए-मस्ताना एक है

  - Chandar Bhan Kaifi Dehelvi
दौर-ए-निगाह-ए-साक़ी-ए-मस्तानाएकहै
पैमानेदोहैंगर्दिश-ए-पैमानाएकहै
पीताहूँघूँटघूँटमेंसाँसोंकेसाथसाथ
साक़ीकाऔरउम्रकापैमानाएकहै
जिसअश्कमेंहोअश्क-ए-नदामतवहीहैअश्क
मोतीबहुतहैंगौहर-ए-यक-दानाएकहै
कसरतकीशानऔरहैवहदतकारंगऔर
आबादहैजोएकतोवीरानाएकहै
तफ़रीक़हुस्न-ए-शमा-ओ-गुलमेंज़रानहीं
सोज़-ओ-गुदाज़-ए-बुल्बुल-ओ-परवानाएकहै
जबसुनलियाफ़िराक़काक़िस्सातोकहदिया
मजनूँकाऔरआपकाअफ़्सानाएकहै
तुमकोअगरहैअपनीदिल-आराइयोंपेनाज़
'कैफ़ी'भीअपनेनामकामस्तानाएकहै
  - Chandar Bhan Kaifi Dehelvi
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