ghalatiyaan apni na hon phir bhi manaane ka hunar | ग़लतियाँ अपनी न हों फिर भी मनाने का हुनर

  - Chand Akbarabadi
ग़लतियाँअपनीहोंफिरभीमनानेकाहुनर
इतनाआसाननहींख़ुदकोमिटानेकाहुनर
यादोंकेसाँपोंकोक़ाबूमेंकरूँँकैसेमैं
मैंनेसीखाहीनहींबीनबजानेकाहुनर
मेरेचेहरेकीहँसीमेंपताख़ुशियोंकाढूँढ़
मुद्दतोंबादमिलादर्दछुपानेकाहुनर
मेरेअपनोंनेतराशीमेरीइज़्ज़तकीक़मीस
सबकोआताहैयहाँक़ैंचीचलानेकाहुनर
आगचिंगारीधुआँकुछथादिलफिरभीजला
किसनेसिखलायातुम्हेंऐसेजलानेकाहुनर
इतनेसपनेदिखाझूटीअदाकारीछोड़
पत्थरोंकोसिखाघासउगानेकाहुनर
आँखेंचेहराज़बाँसबबे-ज़बाँहोजातेहैं
जानलेलेगातिरीराज़छुपानेकाहुनर
क़त्लकरनाहैअगरजलतेहुएसूरजको
सीखलोबर्फ़कीशमशीरबनानेकाहुनर
  - Chand Akbarabadi
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