ye tasavvur ka vaar jhoota hai | ये तसव्वुर का वार झूटा है

  - Chand Akbarabadi
येतसव्वुरकावारझूटाहै
ख़्वाबझूटेहैंसारझूटाहै
फूलतुमतोड़लाएशाख़ोंसे
क्याबहारोंसेप्यारझूटाहै
आँखोंमेंकुछज़बानपरकुछहै
तेराकिरदारयारझूटाहै
सारीगुस्ताख़ियाँरहींक़ाएम
उसपेरुत्बावक़ारझूटाहै
लापताहूँमैंघरनहींकोई
चिट्ठीझूटीहैतारझूटाहै
मौतसेतेज़दौड़किसकीहै
उम्रपरशहसवारझूटाहै
धूपकेशूलबिखरेहैंहरसूँ
चाँदनीकाख़ुमारझूटाहै
आँखोंमेंरखहुनरतकल्लुमका
लफ़्ज़ोंपरए'तिबारझूटाहै
बार-ए-ख़ातिरहैहमकोफ़िक्र-ए-ज़ीस्त
हसरतोंकामज़ारझूटाहै
टूटनाआइनेकीफ़ितरतहै
पत्थरोंसेक़रारझूटाहै
'चाँद'कबतककरोगेदिलकायक़ीं
आपकाइंतिज़ारझूटाहै
  - Chand Akbarabadi
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