hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Bhaskar Shukla
din guzarte hain ab kitaabon men
din guzarte hain ab kitaabon men | दिन गुज़रते हैं अब किताबों में
- Bhaskar Shukla
दिन
गुज़रते
हैं
अब
किताबों
में
और
रातें
तुम्हारे
ख़्वाबों
में
जानता
हूँ
उसे
मैं
आहट
से
छुप
नहीं
पायेगा
हिजाबों
में
यार
जैसी
है
रंगत-ओ-ख़ुशबू
नाज़ुकी
कम
है
इन
गुलाबों
में
हम
भी
छानेंगे
ख़ाक
सेहरा
की
वो
नज़र
आ
गया
सराबों
में
वो
किसी
को
बुरा
नहीं
कहते
एक
अच्छाई
है
ख़राबों
में
कोई
ग़म
हो
तो
मीर
पढ़ते
हैं
हम
नहीं
डूबते
शराबों
में
- Bhaskar Shukla
Download Ghazal Image
हुस्न
को
भी
कहाँ
नसीब
'जिगर'
वो
जो
इक
शय
मिरी
निगाह
में
है
Jigar Moradabadi
Send
Download Image
22 Likes
किस
से
जा
कर
माँगिये
दर्द-ए-मोहब्बत
की
दवा
चारा-गर
अब
ख़ुद
ही
बेचारे
नज़र
आने
लगे
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
37 Likes
तू
अपने
सारे
दुख
जाकर
बताता
है
जिन्हें,
इक
दिन
बढ़ाएँगे
वही
ग़म-ख़्वार
तेरी
आँख
का
पानी
Siddharth Saaz
Send
Download Image
34 Likes
मैं
नज़र
से
पी
रहा
था
तो
ये
दिल
ने
बद-दुआ
दी
तिरा
हाथ
ज़िंदगी
भर
कभी
जाम
तक
न
पहुँचे
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
48 Likes
मुझे
भी
बख़्श
दे
लहजे
की
ख़ुशबयानी
सब
तेरे
असर
में
हैं
अल्फ़ाज़
सब,
म'आनी
सब
मेरे
बदन
को
खिलाती
है
फूल
की
मानिंद
कि
उस
निगाह
में
है
धूप,
छाँव,
पानी
सब
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
28 Likes
तूफ़ानों
से
आँख
मिलाओ
सैलाबों
पे
वार
करो
मल्लाहों
का
चक्कर
छोड़ो
तैर
के
दरिया
पार
करो
Rahat Indori
Send
Download Image
143 Likes
क्या
दुख
है
समुंदर
को
बता
भी
नहीं
सकता
आँसू
की
तरह
आँख
तक
आ
भी
नहीं
सकता
तू
छोड़
रहा
है
तो
ख़ता
इस
में
तेरी
क्या
हर
शख़्स
मेरा
साथ
निभा
भी
नहीं
सकता
Read Full
Waseem Barelvi
Send
Download Image
42 Likes
लग
गई
मुझको
नज़र
बेशक़
तुम्हारी
आईनों
मैं
बहुत
ख़ुश
था
किसी
इक
सिलसिले
से
उन
दिनों
Aarush Sarkaar
Send
Download Image
5 Likes
तुम्हें
देखे
ज़माना
हो
गया
है
नज़र
महके
ज़माना
हो
गया
है
बिछड़के
तुम
सेे
आँखें
बुझ
गई
हैं
ये
दिल
धड़के
ज़माना
हो
गया
है
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
32 Likes
सलीक़ा
तो
नहीं
मालूम
हम
को
दीद
का
लेकिन
झुकाती
है
नज़र
को
जब
नज़र
भर
देखते
हैं
हम
Sandeep dabral 'sendy'
Send
Download Image
0 Likes
Read More
जो
कह
नहीं
सका
उसे
क़रीब
था
वो
जब
मेरे
वो
बात
शे'र
में
बदल
गई
तो
दूर
तक
गई
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
31 Likes
कुछ
एक
की
हम
जैसी
क़िस्मत
होती
है
बाकी
सब
की
अच्छी
क़िस्मत
होती
है
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
33 Likes
रात
अँधेरी,
ख़ाली
रस्ता,
और
रफ़ी
के
गाने
हैं
गाड़ी
में
सब
हम
जैसे
हैं
यानी
सब
दीवाने
हैं
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
59 Likes
मिले
थे
फरवरी
में
आपसे
पहली
दफ़ा
हम
तभी
से
दोस्ती
सी
हो
गई
है
फरवरी
से
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
23 Likes
गुज़िश्ता
साल
शायद
ठीक
से
मारा
नहीं
था
ये
रावण
इस
बरस
फिर
सामने
तनकर
खड़ा
है
Bhaskar Shukla
Send
Download Image
33 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Gulaab Shayari
Maikashi Shayari
Rose Shayari
Aansoo Shayari
Doctor Shayari