udaas aankhoñ se aañsu nahin nikalte hain | उदास आँखों से आँसू नहीं निकलते हैं

  - Bashir Badr
उदासआँखोंसेआँसूनहींनिकलतेहैं
येमोतियोंकीतरहसीपियोंमेंपलतेहैं
घनेधुएँमेंफ़रिश्तेभीआँखमलतेहैं
तमामरातखुजूरोंकेपेड़जुलतेहैं
मैंशाहराहनहींरास्तेकापत्थरहूँ
यहाँसवारभीपैदलउतरकेचलतेहैं
उन्हेंकभीबतानामैंउनकीआँखोंमें
वोलोगफूलसमझकरमुझेमसलतेहैं
कईसितारोंकोमैंजानताहूँबचपनसे
कहींभीजाऊँमिरेसाथसाथचलतेहैं
येएकपेड़हैइससेमिलकेरोलेंहम
यहाँसेतेरेमिरेरास्तेबदलतेहैं
  - Bashir Badr
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