phool barase kahii shabnam kahii gauhar barase | फूल बरसे कहीं शबनम कहीं गौहर बरसे

  - Bashir Badr
फूलबरसेकहींशबनमकहींगौहरबरसे
औरइसदिलकीतरफ़बरसेतोपत्थरबरसे
कोईबादलहोतोथमजाएमगरअश्कमिरे
एकरफ़्तारसेदिनरातबराबरबरसे
बर्फ़केफूलोंसेरौशनहुईतारीकज़मीं
रातकीशाख़सेजैसेमहअख़्तरबरसे
प्यारकागीतअँधेरोंपेउजालोंकीफुवार
औरनफ़रतकीसदाशीशेपेपत्थरबरसे
बारिशेंछतपेखुलीजगहोंपेहोतीहैंमगर
ग़मवोसावनहैजोउनकमरोंकेअंदरबरसे
  - Bashir Badr
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