jo hasrat thii vo nikli to magar poori kahaan nikli | जो हसरत थी वो निकली तो मगर पूरी कहाँ निकली

  - Dharmesh bashar
जोहसरतथीवोनिकलीतोमगरपूरीकहाँनिकली
तमन्नालबतलकतोगईपरबे-ज़बाँनिकली
हयादिलकशतोथीपरलेगईसबवस्लकीलज़्ज़त
तग़ाफ़ुलकुछथाउसकोमगरमुँहसेहाँनिकली
मुझेइसज़िन्दगीनेजाते-जातेभीअलमबख़्शा
उधरवोगएमिलनेइधरसीनेसेजाँनिकली
तमन्ना-ए-नजात-ए-ग़मविसाल-ओ-दीदकीहसरत
हुजूम-ए-आरज़ूलेकरमरीज़-ए-ग़मकीजाँनिकली
ज़बानोंमेंहुआजबइर्तिबात-ए-बाहमीयारों
तोइज़हार-ए-मुहब्बतकेसबबउर्दूज़बाँनिकली
जोभीसुनताहैउसकोवोउसीकाहीहोजाताहै
सुरीलीसीवोलड़कीतो'बशर'जादू-बयाँनिकली
  - Dharmesh bashar
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