kuchh aañsuon ke daagh bhi hain khushbuon ke saath | कुछ आँसुओं के दाग़ भी हैं ख़ुश्बुओं के साथ

  - Dharmesh bashar
कुछआँसुओंकेदाग़भीहैंख़ुश्बुओंकेसाथ
सबकुछरखासँभालकेतेरेख़तोंकेसाथ
डूबाहूँतेरीयादकेसागरमेंजबकभी
उभरातिराख़यालनएपहलुओंकेसाथ
रस्म-ए-तकल्लुफ़ातहमसेेनिबाहिए
ऐसीभीक्याअदाकिमिलोंदूरियोंकेसाथ
बदलाहैवक़्तख़ुदकोभीनासेहबदलज़रा
कबतकसुनेंगेतुझकोउन्हींमशवरोंकेसाथ
बेजानवोहीआजज़मींपरपड़ेहुए
नापेथेआसमानकईजिनपरोंकेसाथ
दीवारेंपत्थरोंकीहैंशीशेजड़ीहुई
शीशोंकीउम्रकटरहीहैपत्थरोंकेसाथ
बसदेखतेहीआपनेतोफेरलीनज़र
हमकबसेजीरहेहैंइन्हींमंज़रोंकेसाथ
  - Dharmesh bashar
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