bas chal raha hooñ thoda sa KHud ko sanwaar loon | बस चल रहा हूँ थोड़ा सा ख़ुद को सँवार लूँ

  - Dharmesh bashar
बसचलरहाहूँथोड़ासाख़ुदकोसँवारलूँ
चेहरेसेअपनेदूसराचेहराउतारलूँ
जबशहर-ए-आरज़ूकीतरफ़हैसफ़रमिरा
मैंसोचताहूँचलकेउन्हेंभीपुकारलूँ
दामनभीक़ीमतीहैगिरेबाँभीक़ीमती
क्यूँँअपनेसरपेतोहमत-ए-फ़स्ल-ए-बहारलूँ
मुमकिनहैजागजाऊँसदाओंकीचोटसे
ख़ुदकोपुकारनेकीहदोंतकपुकारलूँ
वादीमेंआफ़ताबकीबारिशहैरोज़-ओ-शब
कुछदिनयूँँहीगुफाओंमेंरहकरगुज़ारलूँ
हँसहँसकेतंज़करताहैजबचेहराआपका
मैंसिर्फ़देखतारहूँदिलकाकरारलूँ
अबतो'बशर'येचश्म-ए-तग़ाफ़ुलशियारने
मौक़ाअताकियाहैकिख़ुदकोसँवारलूँ
  - Dharmesh bashar
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