ham aazma chuke hain zam | हम आज़मा चुके हैं ज़माना फ़ुज़ूल है

  - Dharmesh bashar
हमआज़माचुकेहैंज़मानाफ़ुज़ूलहै
अबराज़-ए-ग़मकिसीकोबतानाफ़ुज़ूलहै
फिरदिलपेकोईचोटलगानाफ़ुज़ूलहै
वक़्त-ए-फ़िराक़इश्क़जतानाफ़ुज़ूलहै
दिलकशसमाँहैऔरजोभीगीहुईयेरात
ऐसेमेंहमसेरूठकेजानाफ़ुज़ूलहै
हमहैंदिवानेआपकादामनथामलें
राहोंमेंहमसेेनज़रेंचुरानाफ़ुज़ूलहै
वोदिलनहींरहावोतमन्नानहींरही
नज़रोंसेअबयेतीरचलानाफ़ुज़ूलहै
वोचारा-साज़हैतोवोमरहमअताकरे
क़ातिलकोदिलकेज़ख़्मदिखानाफ़ुज़ूलहै
येदास्तानअबकोईसुनतानहींयहाँ
रूदाद-ए-इश्क़अबतोसुनानाफ़ुज़ूलहै
हमशा'इरीभीकरनेलगेहैंतोफिर'बशर'
अबयारउसकालौटकेआनाफ़ुज़ूलहै
  - Dharmesh bashar
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