mire safar men hi kyun ye azaab aate hain | मिरे सफ़र में ही क्यूँँ ये अज़ाब आते हैं

  - Balwan Singh Azar
मिरेसफ़रमेंहीक्यूँँयेअज़ाबआतेहैं
जिधरभीजाऊँउधरहीसराबआतेहैं
तलाशहैमुझेअबतोउन्हींफ़ज़ाओंकी
जहाँख़िज़ाँमेंभीअक्सरगुलाबआतेहैं
किसीकोमिलतानहींइकचराग़मीलोंतक
किसीकीबस्तीमेंसौआफ़्ताबआतेहैं
निकलाकीजिएरातोंकोघरसेआपकभी
सड़कपेरातमेंख़ाना-ख़राबआतेहैं
खुलामकानहैहरएकज़िंदगी'आज़र'
हवाकेसाथदरीचोंसेख़्वाबआतेहैं
  - Balwan Singh Azar
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