log bhooke hain bahut aur nivaale kam hain | लोग भूके हैं बहुत और निवाले कम हैं

  - Balwan Singh Azar
लोगभूकेहैंबहुतऔरनिवालेकमहैं
ज़िंदगीतेरेचराग़ोंमेंउजालेकमहैं
बद-सुलूकीभीनिकलआईहैज़िंदानोंसे
बद-ज़बानोंकीज़बानोंपेभीतालेकमहैं
मय-कशीकेलिएनायाबहैंजोसदियोंसे
चश्म-ए-साक़ीनेवहीजामउछालेकमहैं
तूनेबुज़दिलतोबनाएहैंबहुतसेलेकिन
मिरेमालिकतिरीदुनियामेंजियालेकमहैं
राह-ए-पुर-ख़ारसेडरताहैअभीतू'आज़र'
ऐसालगताहैतेरेपावँमेंछालेकमहैं
  - Balwan Singh Azar
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