samay se pahle bhale shaam-e-zindagi aa.e | समय से पहले भले शाम-ए-ज़िंदगी आए

  - Balmohan Pandey
समयसेपहलेभलेशाम-ए-ज़िंदगीआए
किसीतरहभीउदासीकाघावभरजाए
हमअबउदासनहींसर-ब-सरउदासीहैं
हमेंचराग़नहींरौशनीकहाजाए
जोशे'रसमझेमुझेदाद-वाददेतारहे
गलेलगाएजिसेग़मसमझमेंजाए
गएदिनोंमेंकोईशौक़थामोहब्बतका
अबइसअज़ाबमेंयेज़ेहनकौनउलझाए
किसीकेहँसनेसेरौशनहुईथीबाद-ए-सबा
कोईउदासहुआतोगुलाबमुरझाए
येएकदुखहीदबारहगयाहैआँखोंमें
वोएकमिसराजिसेशे'रकरनहींपाए
अगरहूँग़ुस्सेमेंफिरभीमैंचाहतायेहूँ
मैंसिर्फ़हिज्रकहूँऔरफ़ोनकटजाए
  - Balmohan Pandey
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