sama'at ke li.e ik imtihaan hai | समाअ'त के लिए इक इम्तिहाँ है

  - Bakul Dev
समाअ'तकेलिएइकइम्तिहाँहै
ख़मोशीइनदिनोंमिस्ल-ए-बयाँहै
सफ़रअपनेहीभीतरकररहाहूँ
मिराठहरावमुद्दतसेरवाँहै
हवसशामिलहैथोड़ीसीदु'आमें
अभीइसलौमेंहल्कासाधुआँहै
नयाइकख़्वाबदेखेंऔररोएँ
अबइतनीताबआँखोंमेंकहाँहै
उड़ादेतीहैअपनीख़ाकजबतब
ज़मींकीजुस्तुजूभीआसमाँहै
तभीआहोंकेसुरउठतेहैंइससे
हमारासोज़-ए-जाँहीसाज़-ए-जाँहै
हमेशादूरसेदेखाकियाहूँ
जहाँमुझकोजवाहिरकीदुकाँहै
मिराकिरदारइसमेंहोगयागुम
तुम्हारीयादभीइकदास्ताँहै
मोहब्बतएककश्तीमुख़्तसरसी
तमन्नाओंकादरियाबे-कराँहै
मैंसारेफ़ासलेतयकरचुकाहूँ
ख़ुदीजोदरमियाँथीदरमियाँहै
'बकुल'ख़्वाबोंकेपंछीबसेहैं
हमाराआशियाँअबआशियाँहै
  - Bakul Dev
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