ho chuka vaaz ka asar waiz | हो चुका वाज़ का असर वाइज़

  - Bahram ji
होचुकावाज़काअसरवाइज़
अबतोरिंदोंसेदर-गुज़रवाइज़
सुब्ह-दमहमसेतूकरतकरार
हैहमेंपहलेदर्द-ए-सरवाइज़
बज़्म-ए-रिंदाँमेंहोअगरशामिल
फिरतुझेकुछनहींख़तरवाइज़
वाज़अपनायेभूलजाएतू
आवेगरयार-ए-सीम-बरवाइज़
हैयेमुर्ग़-ए-सहरसभीफ़ाइक़
सुब्हउठताहैपेशतरवाइज़
मस्जिद-ओ-काबामेंतूफिरताहै
कू-ए-जानाँसेबे-ख़बरवाइज़
शोर-ओ-गुलबंदतोनहींकरता
हैतूइंसाँकिकोईख़रवाइज़
ज़ाहिरीवाज़सेहैक्याहासिल
अपनेबातिनकोसाफ़करवाइज़
बंदा-ए-कू-ए-यारहै'बहराम'
तेरीमस्जिदसेक्याख़बरवाइज़
  - Bahram ji
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