door ho dard-e-dil ye aur dard-e-jigar kisi tarah | दूर हो दर्द-ए-दिल ये और दर्द-ए-जिगर किसी तरह

  - Bahram ji
दूरहोदर्द-ए-दिलयेऔरदर्द-ए-जिगरकिसीतरह
आजतोहम-नशींउसेलामिरेघरकिसीतरह
तीर-ए-मिज़ाहोयारकाऔरनिशानादिलमिरा
तीरपेतीरता-ब-कैकीजेहज़रकिसीतरह
नालाहोयाकिआहहोशामहोयापगाहहो
दिलमेंबुतोंकेहाएहाएकीजेअसरकिसीतरह
आईशब-ए-फ़िराक़हैरातहैसख़्तयेबहुत
कीजेशुमार-ए-अख़तराँताहोसहरकिसीतरह
इश्क़मेंदिलसेहमहुएमहवतुम्हारेबुतो
ख़ालीहैंचश्म-ओ-दिलकरोइनमेंगुज़रकिसीतरह
  - Bahram ji
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy