tum apne saath mirii chashm-e-tar bhi le jaao | तुम अपने साथ मिरी चश्म-ए-तर भी ले जाओ

  - Badar Shamsi
तुमअपनेसाथमिरीचश्म-ए-तरभीलेजाओ
सफ़रतवीलहैइकहम-सफ़रभीलेजाओ
नज़रमेंरौनक़-ए-दीवार-ओ-दरभीलेजाओ
येक्याकिदश्त-नवर्दीमेंघरभीलेजाओ
इनआंधियोंमेंभरोसाहीक्याचराग़ोंका
सजाकेअपनीहथेलीपेसरभीलेजाओ
तुमअपनीरातसजाओनएउजालोंसे
हमाराक्याहैहमारासहरभीलेजाओ
मिलेंगेज़ख़्मबहुतज़िंदगीकेमेलेमें
तुमअपनेसाथहमाराजिगरभीलेजाओ
मैंएकराहकापत्थरसहीमगरलोगों
कभीमुझेकिसीआज़रकेघरभीलेजाओ
तुम्हारेहाथकीख़ुशबूज़रूरमहकेगी
हमारीख़ाकसेकोईशररभीलेजाओ
मैंज़िंदगीकेअँधेरोंकादर्दसहलूँगा
तुमअपनीयादकेशम्स-ओ-क़मरभीलेजाओ
मैं'बद्र'ख़ुदहीमसीहाहूँअपनेज़ख़्मोंका
येजुर्महैतोमुझेदारपरभीलेजाओ
  - Badar Shamsi
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