पैमान-ए-वफ़ातोड़केजानेकेलिएआ
आदिलकीलगीऔरबढ़ानेकेलिएआ
पामालहीकरज़ुल्महीढानेकेलिएआ
मुझकोमिराएहसासदिलानेकेलिएआ
नौ-ख़ेज़बहारोंसेमिरेदिलकोसजादे
ज़ख़्मोंकेनएफूलखिलानेकेलिएआ
कबसेग़म-ए-हालातकीराहोंमेंपड़ाहूँ
तूभीकोईठोकरहीलगानेकेलिएआ
फूलोंकातक़ाज़ातोनहींदस्त-ए-करमसे
काँटेमिरीराहोंमेंबिछानेकेलिएआ
होतंज़कीबारिशभीतवज्जोहकीअदास
ऐअब्र-ए-करमआगलगानेकेलिएआ
अबख़ुदकोभुलाऊँकितुझेयादकरूँँमैं
ऐहासिल-ए-ग़मइतनाबतानेकेलिएआ
लिक्खाहैमिरानामतिरेदिलकेवर्क़पर
मैंहर्फ़-ए-ग़लतहूँतोमिटानेकेलिएआ
हरज़ख़्मदिल-ए-'बद्र'कोइकताज़ाख़लिशदे
लौबुझतेचराग़ोंकीबढ़ानेकेलिएआ