nazar bacha ke nazar se guzar gaya vo shaKHs | नज़र बचा के नज़र से गुज़र गया वो शख़्स

  - Badar Shamsi
नज़रबचाकेनज़रसेगुज़रगयावोशख़्स
मिरेवजूदमेंलेकिनउतरगयावोशख़्स
जोज़िंदगीकीअलामतथाइकज़मानेसे
सुनाहैआजख़ुदअपनेमेंमरगयावोशख़्स
कहींभीकमहुआउसकादर्द-ए-तन्हाई
समुंदरोंसेभीप्यासागुज़रगयावोशख़्स
जानेकबसेसँभालेहुएथाजोख़ुदको
जानेआजयेकैसेबिखरगयावोशख़्स
तुलूअ'-ए-दर्दहुआआफ़्ताब-ए-नौकीतरह
शब-ए-अलमकीफ़ज़ामेंनिखरगयावोशख़्स
सजाएअश्कज़मानेकेअपनीआँखोंमें
मगरख़ुदअपनेतबस्सुमसेडरगयावोशख़्स
पुकारतीथीउसेबे-चराग़राहगुज़र
तमामकरकेजबअपनासफ़रगयावोशख़्स
हरएकचेहराहैबे-चेहरगीकाआईना
अभीजो'बद्र'यहाँथाकिधरगयावोशख़्स
  - Badar Shamsi
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